, March 12 -- टोक्यो, 12 मार्च (वार्ता/शिन्हुआ) जापान में साइबर अपराधियों ने वर्ष 2025 में ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के जरिए लगभग 10.4 अरब येन (करीब 6.54 करोड़ अमेरिकी डॉलर) का रिकॉर्ड नुकसान को अंजाम दिया है।
नेशनल पुलिस एजेंसी द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कुल नुकसान में से 55 प्रतिशत व्यक्तिगत खातों से था, जबकि 45 प्रतिशत हिस्सा कंपनियों का था। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कंपनियों को होने वाला नुकसान पिछले वर्ष की तुलना में चार गुना से अधिक बढ़कर 4.7 अरब येन तक पहुँच गया है।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि 90 प्रतिशत मामलों में 'फिशिंग स्कैम' का इस्तेमाल किया गया। इसमें पीड़ितों को झांसा देकर उनकी गोपनीय जानकारी चुराई गई। पिछले साल की तुलना में 7.3 लाख की वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 24.5 लाख मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट की गई नकली वेबसाइटों की संख्या 3 लाख बढ़कर 10 लाख के पार पहुँच गई है।
डेटा के अनुसार,फिरौती के मामलों या रैंसमवेयर हमलों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। ऐसी घटनाओं में हमलावर डेटा ब्लॉक कर फिरौती मांगते हैं।
वर्ष 2025 में कुल 226 मामले सामने आए, जिनमें से 60 प्रतिशत शिकार लघु और मध्यम स्तर की कंपनियां बनीं। आधे से अधिक प्रभावित कंपनियों ने बताया कि डेटा रिकवरी में उन्हें एक करोड़ येन से अधिक का खर्च उठाना पड़ा, जबकि 5 मामलों में यह खर्च 10 करोड़ येन के भी पार निकल गया।
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