नयी दिल्ली , जनवरी 26 -- कांग्रेस ने जाति आधारित जनगणना की प्रक्रिया के विवरण को अंतिम रूप देने से पहले सोमवार को केन्द्र सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और नागरिक संगठनों के साथ तुरंत संवाद शुरू किया जाए।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा "मोदी सरकार लगातार जाति आधारित जनगणना के विचार को ख़ारिज करती रही है। मोदी सरकार ने 30 अप्रैल 2025 को पूरी तरह यू-टर्न लेते हुए अचानक घोषणा की कि जाति आधरित जनगणना को जनगणना 2027 में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 12 दिसंबर 2025 को यह घोषित किया गया कि जाति गणना जनगणना 2027 के फेज़-2 में होगी।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने जिस तरह से प्रश्नावली तैयार की है उससे उसकी वास्तविक मंशा और एक व्यापक, निष्पक्ष तथा देशव्यापी जाति जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
श्री जयराम रमेश ने इसके प्रश्नों के सूची पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि प्रश्न 12 में यह पूछा गया है कि क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या 'अन्य' श्रेणी से संबंधित है, जबकि ओबीसी और सामान्य श्रेणी के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं पूछा गया है। चूँकि जाति गणना को जनगणना 2027 का हिस्सा बनाया जाना है, ऐसे में जिस तरह से प्रश्न 12 को तैयार किया गया है, वह मोदी सरकार की वास्तविक मंशा और एक व्यापक, निष्पक्ष तथा देशव्यापी जाति आधारित जनगणना के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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