बुलंदशहर , मार्च 17 -- बुलंदशहर जिले के डिबाई तहसील क्षेत्र के गांव खैरपुर निवासी तिलक सिंह का जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में ड्यूटी के दौरान हृदयाघात से निधन हो गया।

भारतीय सेना की जाट रेजीमेंट में तैनात नायक तिलक सिंह के पार्थिव शरीर को सेना की टुकड़ी ने सलामी दी । पुलिस अधीक्षक नगर शंकर प्रसाद ने बताया कि नायक तिलक सिंह पिछले 12 वर्ष तीन माह से भारतीय सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे थे। वह अपने पिता के इकलौते पुत्र थे और ड्यूटी के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए कई बार सम्मानित भी किए जा चुके थे।

उन्होंने बताया कि नायक तिलक सिंह अपने पीछे पत्नी, तीन पुत्रियां और एक पुत्र छोड़ गए हैं। उनके आकस्मिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

नायक तिलक सिंह का पार्थिव शरीर जब उनके पैतृक गांव खैरपुर पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इस दौरान "तिलक सिंह अमर रहें" और "जब तक सूरज चांद रहेगा, तिलक सिंह तेरा नाम रहेगा" जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा।

परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से नायक तिलक सिंह की स्मृति में गांव के प्रवेश द्वार का नामकरण, शहीद स्मारक निर्माण तथा एक सड़क उनके नाम पर बनाए जाने की मांग की है। बाद में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में कर दिया गया।

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