भीलवाड़ा , नवम्बर 17 -- राजस्थान सरकार ने भीलवाड़ा जिले में जहापुर पंचायत समिति की निलंबित प्रधान सीता देवी गुर्जर को उनके पद से हटाने से अगले पांच वर्षों तक किसी भी पंचायती राज संस्था का चुनाव लड़ने के लिए उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया है। यह कार्रवाई राजस्थान पंचायती राज अधिनियम 1994 की धारा 38(1)(ख) एवं 38(3) के तहत की गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया कि सीता देवी के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच जिला परिषद अजमेर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और बाद में भीलवाड़ा के अतिरिक्त जिला कलेक्टर द्वारा की गयी। जांच रिपोर्ट के अनुसार 48 महीने के कार्यकाल में उन्होंने सिर्फ छह बार पंचायत समिति की बैठक बुलायी, जबकि नियमानुसार हर महीने कम से कम एक बैठक आवश्यक है। साधारण सभा की भी केवल चार बैठकें आयोजित हुईं।

कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद उन्होंने न तो स्पष्टीकरण दिया और न ही व्यक्तिगत रूप से किसी सुनवाई में उपस्थित हुईं।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर की जांच में पाया गया कि उनके द्वारा कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया गया। रिपोर्ट में इसे स्पष्ट रूप से अवचारपूर्ण एवं अपकीर्तिकर आचरण बताया गया। सभी आरोप प्रमाणित माने गये हैं।

प्रमाणित आरोपों और जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार ने उन्हें प्रधान पद से तत्काल प्रभाव से हटाने एवं पांच वर्ष के लिए अयोग्य घोषित करने का आदेश जारी किया।

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