हैदराबाद , जनवरी 04 -- तेलंगाना के राज्यपाल जिश्नु देव वर्मा ने रविवार को कहा कि जहां भगवान जीवन देते हैं, वहीं डॉक्टर जीवन बचाते हैं इसलिए डॉक्टर भगवान के समान होते हैं।

राज्यपाल आज यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शताब्दी उत्सव के हिस्से के रूप में आरोग्य भारती के तत्वाधान में जीएसआर कन्वेंशन में आयोजित डॉक्टर्स सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने लोगों से निवारक देखभाल को गंभीरता से लेने का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य सबसे बड़ी संपत्ति है और इसे हमेशा भौतिक समृद्धि पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि योग के साथ ही संयमित भोजन की आदतें और नियमित शारीरिक व्यायाम को दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि व्यायाम की कमी से शरीर रोगों के प्रति संवेदनशील हो जाता है। दर्श जीवनशैली वह है जो डॉक्टरों पर निर्भरता को कम करे।

इससे पहले, भारत माता और धन्वंतरि (चिकित्सा के देवता) के चित्रों के समक्ष विशेष प्रार्थनाएं की गईं।

राज्यपाल ने आरोग्य भारती द्वारा स्थापित विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी स्टॉलों को देखा।

इस कार्यक्रम में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के लिए आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक भारत जी, तेलंगाना क्षेत्रीय प्रचारक लिंगम श्रीधर जी, आरएसएस क्षेत्रीय संघचालक सुंदर रेड्डी, आरोग्य भारती के राष्ट्रीय नेता सुनील जोशी और मुरलीकृष्ण, क्षेत्रीय संगठन सचिव कुमारस्वामी, विश्व हिंदू परिषद के प्रचार प्रमुख पगडाकुला बालास्वामी, सांसद एटेला राजेंद्र, सिरपुर विधायक हरीश बाबू और राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 600 डॉक्टरों ने भाग लिया।

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