जशपुर , नवंबर 18 -- बदलते समय के साथ न्यायिक प्रणाली में तेजी लाने और जनता को नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ में जशपुर पुलिस द्वारा सिटी कोतवाली परिसर में जागरूकता प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने की, जबकि नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा उप निदेशक अभियोजन सुरेश कुमार साहू, सहायक निदेशक अभियोजन विपिन शर्मा, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी विवेक शर्मा, आरती खटकवार और वरिष्ठ समाज सेवी मैनेजर राम भी मंचासीन रहे।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मंगलवार को मिली जानकारी के मुताबिक,प्रदर्शनी में जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस अनुविभागीय अधिकारी चंद्रशेखर परमा द्वारा अतिथियों का पुष्प गुच्छ से स्वागत कर की गई।
मुख्य अतिथि अरविंद भगत ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह न्याय प्रणाली को तेज, सरल और जनहितकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नए आपराधिक कानून इसी दिशा में उठाया गया ऐतिहासिक कदम हैं, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियाँ महसूस करेंगी।
उप निदेशक अभियोजन सुरेश कुमार साहू ने बताया कि नए कानून में हुए बदलाव न्यायिक प्रक्रिया में सकारात्मक प्रभाव दिखा रहे हैं। वहीं सहायक जिला अभियोजन अधिकारी आरती खटकवार ने कहा कि नए प्रावधान महिलाओं और बच्चों को अधिक सुरक्षा प्रदान करते हैं।
सहायक निदेशक अभियोजन विपिन शर्मा ने छात्रों को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अब पीड़िता या शिकायतकर्ता को उनकी शिकायत की प्रगति की जानकारी देना अनिवार्य है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से की गई शिकायतों पर तीन दिवस के भीतर एफआईआर दर्ज करना आवश्यक है। महिला अपराधों में 60 दिनों और अन्य मामलों में 90 दिनों के भीतर जांच पूरी कर चालान अदालत में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। गंभीर अपराधों में फोरेंसिक जांच अनिवार्य की गई है तथा तलाशी, जप्ती प्रक्रिया का ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग आवश्यक है। बलात्कार मामलों में सात दिनों के भीतर मेडिकल रिपोर्ट देना भी अनिवार्य किया गया है।
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