नयी दिल्ली , मार्च 30 -- सरकार ने सोमवार को कहा कि जल जीवन मिशन में 55 लीटर प्रति व्यक्ति साफ पानी देने के अलावा खाना पकाने और पीने के लिए 10 लीटर पानी अलग देने की योजना है।

जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने राज्यसभा में एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा, "जल जीवन मिशन में प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी देने की कोशिश है ताकि किसी को आर्सेनिक या फ्लोराइड युक्त पानी न पीना पड़े। साथ ही अलग से 10 लीटर पानी खाना पकाने और पीने के लिए देने की कोशिश कर रहे हैं।"उन्होंने कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संचयन की बड़ी योजना तैयार की जा रही है। गांधीनगर की एक एजेंसी ने देश के 700 जिलों में हर गांव में सर्वे किया है कि जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की गयी है कि जल संचय के लिए बुनियादी ढांचा कहां बनाना चाहिये, उसकी गहराई कितनी होनी चाहिये आदि।

मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर सभी जिलाधीक्षकों को लिखा है कि ऐसे ढांचों का निर्माण किया जाये ताकि उनके जिलों में पानी की कमी का सामना न करना पड़े। सांसदों से भी इस काम में अपने फंड से योगदान देने की अपील की गयी है।

श्री पाटिल ने बताया कि देश में 24.8 लाख महिलाओं को उनके घर में नल से आने वाले पानी की जांच के लिए प्रशिक्षण और किट दिये गये हैं। आठ लाख से अधिक महिलाओं ने सैंपलिंग करके रिपोर्ट पोर्टल पर डाली है।

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