मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर , फरवरी 19 -- छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अंतर्गत संचालित जल जीवन मिशन ने ग्राम पंचायत खेतौली, विकासखंड भरतपुर के ग्रामीण जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संचार किया है। इसी परिवर्तन की जीवंत मिसाल हैं ग्राम खेतौली के निवासी तेजमान सिंह, जिनका जीवन "हर घर नल से जल" योजना के बाद पूरी तरह बदल गया है।

जिला पीआरओ से आज (गुरुवार) मिली जानकारी के अनुसार,केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन की बदौलत आज तेजमान सिंह और उनका परिवार सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से न सिर्फ स्वस्थ जीवन जी रहा है, बल्कि समय और श्रम की बचत से आत्मनिर्भरता की ओर भी अग्रसर है। कभी पानी की किल्लत ने उनके जीवन को मुश्किलों भरा बना दिया था, वहीं आज उनके घर में नल से जल की अविरल धारा ने न सिर्फ उनकी दैनिक समस्याओं का समाधान किया है, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा का संचार भी किया है।

तेजमान सिंह बताते हैं कि पहले स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। गांव के कुएं और सार्वजनिक हैंडपंप से पानी लाने में उनका कई घंटे निकल जाते थे। समय और श्रम दोनों का अत्यधिक व्यय होता था, जिससे रोजमर्रा के कार्य और स्वास्थ्य प्रभावित होते थे। वह आगे बताते हैं कि कई बार दूषित पानी के कारण बीमारियों की समस्या भी सामने आती थी, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ता था। पानी की इसी कमी ने उनके परिवार की महिलाओं की मेहनत और वक्त को बेहद प्रभावित किया था।

जल जीवन मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद अब उनके घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंच रहा है। इससे न केवल समय की भारी बचत हुई है, बल्कि परिवार के स्वास्थ्य में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिली है और जीवन अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक हुआ है। इस बदले हुए जीवन को 'नया सवेरा' बताते हुए तेजमान सिंह के चेहरे पर संतोष और गर्व साफ झलकता है।

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