दंतेवाड़ा , जनवरी 27 -- छत्तीसगढ़ शासन के रजत जयंती वर्ष 2025-26 के विशेष सप्ताह अभियान के तहत दंतेवाड़ा में जल जीवन मिशन को लेकर व्यापक जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें आत्मसमर्पित नक्सलियों से लेकर स्कूली छात्र-छात्राओं तक को शुद्ध पेयजल के महत्व और इस योजना की बारीकियों से अवगत कराया गया।

जिला पीआरओ ने मंगलवार को बताया कि जिला कलेक्टर और कार्यपालन अभियंता, जिला जल स्वच्छता समिति के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान के तहत लाइवलीहुड कॉलेज में रोजगारपरक प्रशिक्षण ले रहे आत्मसमर्पित नक्सलियों को जल जीवन मिशन की विस्तृत जानकारी दी गई। एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) के माध्यम से उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया और शपथ दिलाई गई कि वे गांव लौटकर इस मिशन में सक्रिय सहयोग देंगे। आत्मसमर्पितों ने जल कर, संचालन प्रक्रिया और गुणवत्ता जांच से जुड़े सवाल पूछे और खुद जल का परीक्षण भी किया।

इसके साथ ही, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों को जल नमूना संग्रहण एवं जांच की प्रक्रिया सिखाई गई। स्कूली बच्चों को स्वच्छ पेयजल केंद्रों का भ्रमण करवाकर जल शुद्धता के बारे में जागरूक किया गया।

रजत जयंती के उपलक्ष्य में जागरूकता रथ के माध्यम से गांव-गांव में जल जीवन मिशन का प्रचार किया जा रहा है। ग्रामीणों, विशेषकर जल वाहिनी सदस्यों, महिलाओं और शिक्षकों को एफटीके प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे गांव में ही जल की गुणवत्ता की निगरानी कर सकें। इस दौरान सार्वजनिक हैंडपंपों की मरम्मत व सफाई, जल स्रोतों के संरक्षण और पाइपलाइन प्रबंधन पर भी कार्य किए गए। यह अभियान शुद्ध पेयजल के प्रति समुदाय की सहभागिता बढ़ाने में सफल रहा।

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