एमसीबी/मनेंद्रगढ़ , दिसंबर 31 -- छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में जल जीवन मिशन एवं इससे संबंधित योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उच्चस्तरीय बैठक जिला पंचायत मनेंद्रगढ़ के अमृत सदन सभाकक्ष में आयोजित की गई।

बैठक की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुलहक ने की। बैठक कलेक्टर एवं जिलाधिकारी डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।

जिला जनसंपर्क अधिकारी से बुधवार को मिली जानकारी के मुताबिक बैठक में जल जीवन मिशन की भौतिक, वित्तीय और प्रायोगिक स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। सचिव अब्दुलहक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जल जीवन मिशन को केवल निर्माण तक सीमित न रखा जाए, बल्कि नल कनेक्शन के बाद नियमित और सतत जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी योजना तब तक पूर्ण नहीं मानी जाएगी, जब तक वह शत-प्रतिशत काम न करे और आमजन को वास्तविक लाभ न पहुंचा सके।

सचिव ने आईएमआईएस पोर्टल में की जा रही प्रविष्टियों को समय पर, सटीक और सत्यापित रूप में दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कागजी प्रगति दिखाने की प्रवृत्ति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए फील्ड स्तर पर वास्तविक स्थिति के अनुरूप रिपोर्टिंग पर जोर दिया। हर घर जल प्रमाणिकरण की धीमी गति पर असंतोष जताते हुए उन्होंने पंचायतों के माध्यम से प्रमाणीकरण प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने जानकारी दी कि जिले में कुल 392 ग्राम हैं, जहां 83 हजार से अधिक ग्रामीण परिवार निवासरत हैं। हर घर जल योजना के तहत जिले में 1120 जल प्रदाय योजनाएं स्वीकृत हैं, जिनमें एकल ग्राम, सोलर आधारित, स्कूल-आंगनबाड़ी और समूह जल प्रदाय योजनाएं शामिल हैं।

बैठक में जल स्रोतों, ओवरहेड टैंकों, सोलर पंप स्थापना और समूह जल प्रदाय योजनाओं की भी समीक्षा की गई। सचिव ने स्पष्ट किया कि नल कनेक्शन के बाद यदि जल आपूर्ति नहीं हो रही है तो ऐसी योजना असफल मानी जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जिले का कोई भी गांव और परिवार सुरक्षित एवं नियमित पेयजल से वंचित न रहे।

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