नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने राज्यों से कहा है कि वे दोबारा जल के सुरक्षित उपयोग के लिए राष्ट्रीय ढांचे के अनुरूप सभी मानकों का पालन करते हुए इसके लिए निर्धारित नीति को शीघ्रता से पूरा करें।
श्री पाटिल ने सोमवार को यहां प्रौद्योगिकी आधारित नदी पुनरुद्धार कार्य को गति प्रदान करने के लिए अधिकार संपन्न कार्य समूह की 17वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नीतिगत प्रावधानों, स्पष्ट निर्धारित लक्ष्यों और अनुकूल परिस्थिति निर्मित कर राज्यों में उपचारित जल के सुरक्षित दोबारा उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया जाना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कार्य प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए प्रदूषण नियंत्रण की अवसंरचना परियोजनाओं का काम पूरा होने खुशी जताई और इसे गंगा पुनरुद्धार के निरंतर प्रयासों की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने इसे बेहतर समन्वय, प्रभावी निगरानी तथा केन्द्रित कार्यान्वयन का परिणाम बताया और कहा कि इससे नदी के दीर्घकालिक पुनरुद्धार का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसमें उत्तर प्रदेश छह परियोजनाएं पूरी कर अग्रणी रहा, जबकि बिहार और पश्चिम बंगाल ने क्रमशः चार और तीन परियोजनाएं पूरी की। उत्तराखंड और दिल्ली ने भी एक-एक परियोजना पूर्ण की।
बैठक में अधिकार संपन्न कार्य समूह ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के वार्षिक लेखा-खातों को स्वीकृति दी और वित्तीय अनुशासन पर संतोष व्यक्त किया। केंद्रीय मंत्री ने लंबित उपयोग प्रमाणपत्र में कमी की भी सराहना की।
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