आरती बाली सेनई दिल्ली , जनवरी 9 -- विनिर्माण क्षमता के विस्तार की भारत की महत्वाकांक्षा के प्रति भरोसा दर्शाते हुए जर्मनी की 75 वर्षीय रेमर्स ग्रुप ने रंग रोगन और कोटिंग्स क्षेत्र की अग्रणी भारतीय कंपनी टेक्नोवेस के साथ 300 करोड़ रुपये के संयुक्त उद्यम की घोषणा की है।

रेमर्स इस साझेदारी के जरिये भारत को " उच्च गुणवत्ता की कोटिंग्स के लिए अपने वैश्विक निर्यात केंद्र" के रूप में विकसित करेगा, और यहां से यूरोप, अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों के लिए आपूर्ति करेगा। कंपनी के अधिकारियों की बातचीत से यह समझौता जर्मनी के इस दिग्गज उद्योग समूह के लिए एक रणनीतिक बदलाव है। यूरोप में बढ़ती उत्पादन लागत के दबाव के बीच इसने अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों की तुलना में भारत को प्राथमिकता दी है।

रेमर्स ग्रुप के सीईओ और स्वामी डिर्क सीवरडिंग ने यूनीवर्ता से विशेष बातचीत में कहा, "भारतीय बाजार हमारे लिए सबसे अनुकूल विकल्प के रूप में उभरा है और इसके पीछे भारत की उद्यमशील गतिशीलता तथा इसकी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और इस देश के साथ व्यापारिक संबंधों की मजबूती प्रमुख कारण हैं।'यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब यूरोपीय और अमेरिकी कंपनियां चीन-केंद्रित आपूर्ति शृंखलाओं का विकल्प तलाश रही हैं। उनकी बदली सोच का जिन गंतव्यों को लाभ मिल रहा है उसमें भारत एक प्रमुख गंतव्य है।

कंपनी के अनुसार भारत के घरेलू बाजार पर केंद्रित सामान्य विदेशी निवेशों से अलग, यह संयुक्त उद्यम भारत को एक विनिर्माण आधार के रूप में इस्तेमाल करेगा, जहां से वैश्विक बाजारों की जरूरत को पूरा किया जाएगा - जिसमें यूरोप बाजार को निर्यात भी शामिल होगा।

सीवरडिंग नेकहा, "यह सिर्फ एक वित्तीय निवेश नहीं है, हम प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, यह एक साझीदारी है और कोई वर्तमान कारोबार छोड़ने के दबाव के हम एक दीर्घकालिक साझेदारी कर रहे हैं - हम एक ऐसा वैश्विक विनिर्माण केंद्र बना रहे हैं जो कई महाद्वीपों को सेवा देगा।"इस घोषणा का महत्व ऐसे समय और भी बढ़ गया है जबकि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की ब्रुसेल्स यात्रा पर हैं, जहां भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर निर्णायक दौर की बातचीत हो रही है।

भारत-जर्मनी संयुक्त उद्यम भारत की उस स्थिति को और मजबूत करता है, जिसमें वह यूरोप, दक्षिण-पूर्व एशिया, रूस, मध्य पूर्व और अफ्रीका को सेवा देने वाले वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है। सीवरडिंग ने कहा कि भू-राजनीतिक बदलावों, आर्थिक व्यवधानों और भारत की विशिष्ट क्षमताओं का संगम वैश्विक विस्तार के लिए साझा कारोबार का एक अनूठा क्षण बना रहा है।

उन्होंने बताया कि 75 वर्षों की समृद्ध विरासत वाले रेमर्स ग्रुप के लिए यह सहयोग यूरोप से बाहर विस्तार की उसकी इच्छा से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि इस संयुक्त उद्यम में भारतीय कंपनी टेक्नोवेस की उद्यमशीलता, नवोन्मेषी तकनीक और तेज़ वृद्धि इस साझेदारी का एक प्रमुख आधार बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियां तकनीकी और रणनीतिक रूप से एक-दूसरे की पूरक हैं।

यूरोप में बढ़ती विनिर्माण लागत, खरीद के लिए चीन के विकल्प और आपूर्ति श्रृंखला के विविधीकरण की चाहत और भारत की लोकतांत्रिक स्थिरता व वैश्विक बाजार की दृष्टि से रणनीतिक स्थिति ने वहां के उद्योगों को भारत में एक नया अवसर दिखा है जो कई पीढ़ियों के बाद दिखा अवसर माना जा रहा है। इस अवसर को वैश्विक अनिश्चितता को दीर्घकालिक विकास के अवसर के रूप में बदलने का प्रयास है।

टेक्नोवेस के प्रबंध निदेशक पंकज सिंह ने कहा, "यह सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि किसी कारोबार से हटने के दबाव के बिना एक दीर्घकालिक साझेदारी है, जो हमें विकास और तकनीकी क्षमता को तेज़ी से आगे बढ़ाने में सक्षम बनाएगी।" टेक्नोवेस के संस्थापक एवं निदेशक निखिल महापात्रा ने कहा कि यह संयुक्त उद्यम ऐसे समय में भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जब चीन में व्यवधान और अन्य वैश्विक बाजारों की अनिश्चितता ने भारत को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए एक आकर्षक और भरोसेमंद गंतव्य बना दिया है।

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