पटना , जनवरी 03 -- बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सबका सम्मान-जीवन आसान उद्देश्य के तहत जरूरतमंद बुजुर्ग नागरिकों को उनके घर पर ही अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का फैसला किया है। मुख्य्मंत्री श्री कुमार ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए घोषणा की है किबिहार में अब बुजुर्गों को घर बैठे इलाज की सुविधा मिलेगी।अब लोग घर बैठे ही पैथोलॉजी, ब्लड प्रेशर जांच और ई.सी.जी की सुविधा ले सकेंगे। इमरजेंसी के समय घर पर ही डॉक्टर इलाज करेंगे और नर्सिंग सहायता भी मिलेगी।

श्री कुमार ने एक्स पर लिखा, "24 नवंबर 2005 को राज्य में जब से हमलोगों की सरकार बनी तब से न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर चलते हुए हमलोगों ने समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान एवं हर क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है। "श्री कुमार ने लिखा, "हमलोगों ने पूरे बिहार को अपना परिवार माना है और सबके मान और सम्मान का पूरा ख्याल रखा है। अब राज्य में समाज के हर वर्ग के लोग सम्मान के साथ आसानी से जीवन व्यतीत कर सकें इसे लेकर हमलोगों ने गंभीरता से कार्य प्रारंभ कर दिया है।"श्री कुमार ने बताया, "हमलोगों ने वर्ष 2025 से 2030 के लिए राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय 'सबका सम्मान-जीवन आसान' का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम करना तथा उनके जीवन को और भी आसान बनाना है।"श्री कुमार ने कहा कि सबसे पहले सरकार की कोशिश है कि राज्य के जरूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को जरूरत के समय उनके घर पर ही अत्यावश्यक स्वास्थ्य सेवाएं नर्सिंग सहायता की सुविधा,घर पर ही पैथोलॉजी जांच की सुविधा,ब्लड प्रेशर जांच और ई.सी.जी॰ जांच की सुविधा,फिजियोथेरेपी की सुविधा और आपातकालीन स्थिति में सभी प्रकार की चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो सकें।

श्री कुमार ने बताया कि राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधित उपरोक्त सभी सुविधाएं उन्हें घर पर ही मिल सकें, इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग को तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया है।

मुख्यमंत्री श्री कुमार ने बताया कि सात निश्चय के तहत लोगों का जीवन और आसान बनाने के लिए सरकार जनता से सुझाव भी मांग रही है। इसके लिए एक क्यूआर कोड कोड जारी किया गया है, जिसे स्कैन कर आम लोग सरकार को नई सुविधाओं से जुड़े सुझाव दे सकते हैं।उन्होंने पत्र और ईमेल के माध्यम से भी लोगों को सुझाव देने को कहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित