जयपुर , दिसम्बर 11 -- राजस्थान में जयपुर विद्युत वितरण निगम ने शहर में फील्ड स्तर पर सेवाएं दे रहे कार्मिकों की कार्यकुशलता बढ़ाने की पहल की है और इसके तहत दोनों शहरी सर्किलों के ओएंडएम उपखंड के सहायक अभियंताओं की मासिक आधार पर प्रदर्शन के आधार पर वर्गीकृत (ग्रेडिंग) किया जायेगा।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह ग्रेडिंग उपभोक्ताओं को सुगमता से सेवाएं प्रदान करने तथा त्वरित शिकायत निवारण के विभिन्न मापदंडों से संबंधित उनके प्रदर्शन के आधार पर होगी। निगम प्रबंधन की इसके पीछे मंशा है कि इससे कार्मिकों में दक्षता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा बढ़ेगी। वे बेहतर कामकाज के लिए प्रेरित होंगे। जिसका असर बेहतर सर्विस डिलीवरी के रूप में होगा। ग्रेडिंग की यह व्यवस्था दिसम्बर से प्रभावी हो जाएगी।

उल्लेखनीय है कि जयपुर शहर का विद्युत वितरण तंत्र उत्तर एवं दक्षिण, दो वृत्तों में बंटा है। शहर सर्किल उत्तर में 19 तथा शहर सर्किल दक्षिण में ओएंडएम के 18 उपखंड हैं। जिनमें कुल 37 सहायक अभियंता पदस्थापित हैं।

इन बिन्दुओं तथा अंकभार के आधार पर ग्रेडिंग होगी। कनेक्शन-इसमें एसओपी के आधार पर सभी श्रेणी के आवेदकों को समयबद्धता एवं सुगमता से कनेक्शन जारी करना, पेन्डेंसी और बैकलॉग न रहे। (अंकभार-30 प्रतिशत), मीटरिंग-अधिकतम एक महीने की समय सीमा में डिफेक्टिव मीटर बदलने, जीरो डिफेक्टिव मीटर सब-डिवीजन की स्थिति बनाए रखने, विद्युत तंत्र के बेहतर रखरखाव से सब स्टेशनों, फीडर, ट्रांसफार्मरों आदि को बेहतर रखने ताकि ट्रिपिंग, लो वोल्टेज आदि विद्युत व्यवधान कम से कम हो। (अंकभार-20 प्रतिशत), उपभोक्ता समस्याओं का समय पर निवारण-उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों का समय पर निराकरण कर उन्हें न्यूनतम स्तर पर लाना (अंकभार-30 प्रतिशत) एवं शत-प्रतिशत बिलिंग, राजस्व संग्रहण तथा छीजत कम करने-पीडीसी उपभोक्ताओं से वसूली, विद्युत छीजत कम करना शामिल है।

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