जयपुर , अप्रैल 10 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्थित भंडारी अस्पताल में सहायक के रुप में कार्यरत व्यक्ति के लाखों रुपए का फर्जीवाडा करने का मामला सामने आया है।
अस्पताल प्रशासन ने इस संबंध में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई हैं और पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार सोनी के चारों खाते सीज कर दिए हैं और जांच की जा रही है।
अस्पताल के प्रबंधक डॉ के एम भंडारी ने बताया कि मनीष अस्पताल में 2019 से सहायक के पद पर थे और उन्होंने अस्पताल से जुड़े दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड और डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन का दुरुपयोग करते हुए फर्जी बिल तैयार किए। इन बिलों के आधार पर उसने भारी मात्रा में फर्जी काग़ज़ात से पैसे निकाले और निजी काम में ले लिए गये।
बताया गया कि आरोपी ने इलाज और अस्पताल में सलाह लेने वाले मरीजो से चिकित्सक बनकर ज़्यादा चार्ज किया और दवाई भी अपने हिसाब से लिख देता था। कागजातों में हेरफेर कर नकली दस्तावेज तैयार किए गए और इन दस्तावेजों के जरिए लाखों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया।
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