जयपुर , नवंबर 10 -- राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि जयपुर के सेंट्रल पार्क का नामकरण दिवंगत भैरोंसिंह शेखावत एवं भारत जोड़ों सेतु का नाम सरदार पटेल के नाम पर करना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अपराधबोध को दिखाता है।

श्री गहलोत ने सोमवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि श्री शेखावत के मुख्यमंत्रित्व काल में सेंट्रल पार्क की भूमि को ज्वैलर्स के लिए आवंटित किया जा रहा था। बाद में इसे गोल्फ क्लब और पोलो क्लब के लिए आवंटित करने का प्रयास किया गया, जिसका हम लोगों ने विरोध किया।

उन्होंने कहा कि हमारी कांग्रेस सरकार बनने पर न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर जयपुर के लोगों के लिए यहां सेंट्रल पार्क बनाया गया, जिसमें गोल्फ एवं पोलो क्लब भी मौजूद हैं। इसे सेंट्रल पार्क के रूप में ही जयपुर के लोगों ने स्वीकार किया। यह अब राष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रिय है।

उन्होंने कहा कि श्री शेखावत के निधन के दिन ही हमारी कांग्रेस सरकार ने विद्याधर नगर स्टेडियम में अविलंब उनके दाह संस्कार के लिए जमीन आवंटित की और वहीं उनका स्मारक बनाया। पूरे प्रदेशवासियों में तब भी चर्चा थी और आज भी बनी हुई है कि यदि भाजपा सरकार होती तो भी उनके अंतिम संस्कार की अनुमति विद्याधर नगर में नहीं देती और न ही उनका स्मारक बनने देती। इसी अपराधबोध में अब सेंट्रल पार्क का नाम बदलने का प्रयास है, जिससे अनावश्यक रूप से दिवंगत श्री शेखावत का नाम विवादास्पद बनेगा।

श्री गहलोत ने कहा कि सबको ध्यान है कि भाजपा सरकार ने गुजरात के सरदार पटेल स्टेडियम का नाम बदलकर नरेन्द्र मोदी स्टेडियम किया था। यहां राजस्थान में कांग्रेस सरकार के दौरान बने हुए सेतु का नामकरण देश में प्यार, मोहब्बत, भाईचारा बढ़ाने की भावना के अनुरूप भारत जोड़ो सेतु किया गया था। उसे भी इसलिए सरदार पटेल का नाम दिया जा रहा है क्योंकि गुजरात में स्टेडियम का नाम बदलने पर इनकी आलोचना हो रही है। हमारी कांग्रेस सरकार ने सरदार पटेल के नाम पर जोधपुर में पुलिस यूनिवर्सिटी बनायी थी।

उन्होंने कहा कि इनकी नीयत यदि सच में सरदार पटेल एवं श्री शेखावत के नामकरण थी तो उन्हें सम्मान देने के लिए कोई नया बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट या पार्क बनाकर उसका नामकरण इनके नाम पर करना चाहिए।

भाजपा सरकार स्वयं कोई नया निर्माण नहीं कर सकती है, इसलिए कांग्रेस के प्रोजेक्ट्स के नाम बदल रही है। हेडगेवार और गोलवलकर के नाम पर जयपुर के स्थानों का नाम रखना तो समझ के परे है। पूरा जयपुर जानना चाहता है कि इन लोगों का देश के लिए क्या ऐसा योगदान रहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) संगठन में उनकी भूमिका हो सकती है, परन्तु देश निर्माण में इन लोगों की कोई भूमिका नहीं है।

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