श्रीनगर , अक्टूबर 28 -- जम्मू-कश्मीर में 2022 से 2025 के बीच कुत्तों के काटने के 2,12,968 मामले दर्ज किये गये हैं जो एक चिंताजनक स्थिति दर्शाते हैं।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में विधानसभा को सूचित किया कि जम्मू संभाग में कुत्ताें के काटने के 98,470 मामले दर्ज हुए जबकि कश्मीर संभाग में 1,14,498 मामले सामने आए। कश्मीर घाटी में श्रीनगर जिला कुत्ताें के काटने के 36,406 मामलों के साथ सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा।

इसके बाद अनंतनाग में 26,453 मामले और बारामूला में 18,563 मामले दर्ज किये गये। बडगाम में 9,382, कुलगाम में 6,612, पुलवामा में 3,426 और कुपवाड़ा में 3,594 मामले दर्ज किये गये हैं। जम्मू संभाग में सबसे अधिक कुत्तों के काटने की घटनाएं जम्मू जिले में 54,889 दर्ज की गयी हैं। इसके बाद कठुआ में 8,913, उधमपुर में 8,549 और डोडा में 4,390 मामले सामने आये हैं।

किश्तवाड़ में 3,662, सांबा में 3,335, रामबन में 2,257, रियासी में 4,210, पुंछ में 2,923 और राजौरी में कुत्तों के काटने के 5,342 मामले दर्ज हुए। अधिकारियों का कहना है राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में कुत्तों की बढ़ती आबादी के कारण इन घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुयी है। नसबंदी और टीकाकरण अभियानों के बावजूद नागरिक निकायों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुयी है।

विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, जून 2023 से सितंबर 2025 के बीच कुल 48,938 आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण किया गया।।

सरकार ने कहा कि श्रीनगर नगर निगम कुत्ता काटने से बचाव के सुरक्षा उपायों के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने, पशु जन्म नियंत्रण एवं एंटी-रेबीज टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में जनता को शिक्षित करने और आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए काम कर रहा है।

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