जम्मू , अप्रैल 15 -- जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस को ड्रग आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने, सभी तस्करों की सूची तैयार करने और उनके नेटवर्क ध्वस्त करने के निर्देश दिये हैं।

रामबन में 'नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर'अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंनेकहा कि पाकिस्तान लंबे समय से राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी कर और आतंकवाद को वित्त पोषण देने और युवाओं को बर्बाद करने की साजिश करता रहा है।

उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक बुराई है, जिसके खिलाफ 'पूरे सरकार' और 'पूरे समाज' के संयुक्त प्रयास जरूरी हैं।"उप राज्यपाल ने कहा, "हर हॉटस्पॉट की मैपिंग होगी और सर्जिकल स्ट्राइक की तरह कार्रवाई कर एक-एक तस्कर को खत्म किया जाएगा। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।"उन्होंने जिला पुलिस लाइन से जिला प्रशासनिक परिसर तक पदयात्रा का नेतृत्व किया, जिसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संगठनों के सदस्य, महिलाएं, युवा और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।

श्री सिन्हा ने समाज की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है और महिलाओं को अग्रिम पंक्ति में आकर निगरानी समितियां बनानी चाहिए।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में लगायें। साथ ही कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों की सख्त निगरानी होगी और अवैध रूप से चल रहे केंद्रों को 24 घंटे के भीतर बंद किया जाएगा।

उप राज्यपाल ने कहा कि हर पंचायत और वार्ड स्तर पर व्यापक रणनीति लागू की जा रही है और समाज को संकल्प लेना होगा कि नशा तस्करों को कहीं भी पनाह नहीं दी जाएगी।

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