नयी दिल्ली , फरवरी 04 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हाल ही में एक तलाशी अभियान के दौरान उच्च सुरक्षा वाली जिला जेल अनंतनाग से एक सिम कार्ड के साथ एक मोबाइल फोन बरामद होने के बाद प्राथमिकी दर्ज की है।
अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), जेल कर्मचारियों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा 31 जनवरी को चलाये गये एक संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान यह बरामदगी हुई। जेल की एक बैरक के भीतर छिपाकर रखा गया एक काले रंग का पोको मोबाइल फोन मिला।
जेल अधिकारियों ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि जेल के भीतर मोबाइल फोन की बरामदगी को केवल जेल नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता, क्योंकि यह कैदियों और बाहरी लोगों के बीच अनधिकृत संपर्क को सक्षम बनाता है। इससे संभावित रूप से आपराधिक साजिशों को बढ़ावा मिल सकता है।
जेल अधिकारियों ने कहा, "एक सुरक्षित जेल परिसर के भीतर मोबाइल फोन का मिलना और उसे छिपाकर रखना, अज्ञात व्यक्तियों, कैदियों और बाहरी तत्वों के बीच अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की मिलीभगत की ओर स्पष्ट संकेत देता है। इसकी सटीक प्रकृति और विस्तार का पता विस्तृत जांच के माध्यम से ही लगाया जा सकता है।"एक अधिकारी ने बताया, "जेल परिसर के भीतर से गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने, जेल के बाहर आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने और न्यायिक एवं जांच प्रक्रियाओं में बाधा डालने या उन्हें पटरी से उतारने की संभावना है।"शिकायत के बाद, मट्टन पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) (अपराधिक साजिश), 158 (लोक सेवक द्वारा आधिकारिक पद का दुरुपयोग) और 49 (उकसाना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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