जम्मू , फरवरी 06 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को विधानसभा में केंद्र शासित प्रदेश का दूसरा बजट पेश करते हुए कहा कि वर्ष 2026-27 के लिए कुल सकल प्राप्तियां 1,27,767 करोड़ रुपये आंकी गई हैं।

श्री अब्दुल्ला ने बताया कि इस अनुमान में 14,000 करोड़ रुपये के 'वेज़ एंड मीन्स एडवांस' और ओवरड्राफ्ट का प्रावधान भी शामिल है। इन्हीं प्राप्तियों के अनुरूप कुल सकल व्यय भी 1,27,767 करोड़ रुपये अनुमानित है, हालांकि वेज़ एंड मीन्स एडवांस और ओवरड्राफ्ट को छोड़कर 2026-27 के लिए कुल शुद्ध बजट अनुमान 1,13,767 करोड़ रुपये है।

बजट अनुमान 2026-27 के तहत 80,640 करोड़ रुपये राजस्व व्यय और 33,127 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं। वहीं, अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 90,018 करोड़ रुपये और पूंजीगत प्राप्तियां 23,749 करोड़ रुपये आंकी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर एवं गैर-कर मिलाकर राज्य की स्वयं की आय 31,800 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त, 42,752 करोड़ रुपये केंद्रीय सहायता तथा 13,400 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं (सीएसएस) के तहत प्राप्त होंगे।

उन्होंने बताया कि 2025-26 में कर-जीएसडीपी अनुपात 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान था, जबकि 2026-27 के लिए इसे 6.6 प्रतिशत आंका गया है। वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा 2.98 प्रतिशत अनुमानित था, जो 2024-25 (संशोधित अनुमान) के 5.5 प्रतिशत से काफी कम है। वहीं, 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 3.69 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो 2025-26 (संशोधित अनुमान) के 3.63 प्रतिशत से थोड़ा अधिक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2025-26 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2,88,422 करोड़ रुपये अनुमानित था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2026-27 के लिए सांकेतिक नाममात्र जीडीपी 3,15,822 करोड़ रुपये आंकी गई है, जो 9.5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है।

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