श्रीनगर/चंडीगढ़ , नवंबर 10 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में चलाए गए संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियान में लगभग 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया और दो डॉक्टरों समेत सात संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि जब्त सामाग्रियों में बड़ी मात्रा में हथियार एवं सामग्री शामिल है जिनका उपयोग आतंकवादी गतिविधियों में होने का संदेह है। हरियाणा के फरीदाबाद के धौज गांव में छापेमारी के दौरान पुलिस ने लगभग 360 किलोग्राम संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट, एक असॉल्ट राइफल, एक पिस्तौल, कई मैगज़ीन और 90 से ज़्यादा ज़िंदा कारतूस बरामद किये गये। ये विस्फोटक जम्मू-कश्मीर के पुलवामा के कोइल निवासी डॉ. मुज़म्मिल शकील के किराए पर लिए गए कमरे से बरामद हुए। डॉ. शकील फरीदाबाद में अल-फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ाता था और उसने तीन महीने पहले कमरा किराये पर लिया था तथा कथित रूप से इसका उपयोग केवल सामग्री रखने के लिए करता था।

इससे पहले एक अन्य संदिग्ध अनंतनाग निवासी डॉ. आदिल अहमद को सात नवंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। डॉ. आदिल ने 2024 में अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और सहारनपुर में निजी प्रैक्टिस कर रहा था।

फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सत्येंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि संयुक्त जांच के अंतर्गत हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में सक्रिय एक आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ यह अभियान लगभग दो सप्ताह से चल रहा था। उन्होंने कहा कि बरामद पदार्थ आरडीएक्स नहीं बल्कि अमोनियम नाइट्रेट प्रतीत होता है। विस्फोटक उपकरण बनाने में उपयोग होने वाले 20 टाइमर, बैटरियां और अन्य उपकरण भी ज़ब्त किए गये हैं। विस्फोटकों के साथ, पुलिस ने एक असॉल्ट राइफल, तीन मैगज़ीन, 83 कारतूस, आठ राउंड वाली एक पिस्तौल और अतिरिक्त मैगज़ीन भी बरामद कीं। जांचकर्ताओं के अनुसार, यह सामग्री दो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से जुड़े एक बड़े भंडार का हिस्सा थी, हालांकि अधिकारियों ने राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से उनके नामों का खुलासा नहीं किया।

सूत्रों ने बताया कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। दोनों डॉक्टरों से उनकी भूमिका और अन्य संदिग्धों से उनके संबंधों का पता लगाने के लिए पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान अभी जारी है और अन्य गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि इस बरामदगी से जम्मू-कश्मीर से दूसरे राज्यों में हथियार एवं विस्फोटक पहुंचाने वाले एक बड़े नेटवर्क की मौजूदगी का संकेत मिलता है। ऐसी सामग्रियों की आवाजाही को रोकने के लिए सुरक्षा जांच एवं अंतर-राज्यीय समन्वय को बढ़ाया गया है।

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