श्रीनगर , मार्च 03 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कुछ मीडिया आउटलेट और लोगों के खिलाफ अशांति फैलाने और सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने के इरादे से मनगढ़ंत एवं गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

अमेरिका-इज़रायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के विरोध में रविवार से कश्मीर में कई विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। श्रीनगर पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसने कुछ न्यूज़ चैनलों, मीडिया आउटलेट और लोगों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानबूझकर झूठी, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाली जानकारी फैलाने को गंभीरता से लिया है।

बयान में कहा गया, " ये लोग अशांति फैलाने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और समाज में अशांति फैलाने के साफ इरादे से व्यवस्थित तरीके से गलत बातें और असत्यापित कंटेंट फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस तरह के गलत जानकारी वाले अभियान देश की शांति, सुरक्षा और एकता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। "पुलिस ने कहा कि उन्होंने सख्ती से कार्रवाई करते हुए संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत साइबर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने कहा, " कई लोगों की पहचान की गयी है। संबंधित लोगों को साइबर सेल में बुलाया गया है। जांच सक्रिय रूप से चल रही है और इसमें शामिल पाये जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"पुलिस ने कहा कि कुछ जाने-माने लोग कथित तौर पर ऐसी गतिविधियों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, जिनसे शांति में खलल पड़ सकता है और कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है। पुलिस के बयान में कहा गया, " ऐसी सभी गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और ज़रूरी कदम उठाए जा रहे हैं।"श्रीनगर पुलिस ने साफ चेतावनी दी है कि भ्रामक ख़बरें, भड़काऊ कंटेंट या बिना पक्की जानकारी के कंटेंट फैलाने पर सख्त कानूनी नतीजे भुगतने होंगे। पुलिस ने नागरिकों और मीडिया संगठनों को सलाह दी है कि वे ज़िम्मेदारी लें और सांप्रदायिक सद्भाव या कानून-व्यवस्था में खलल डालने वाला कोई भी कंटेंट साझा करने से पहले केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोत से ही तथ्यों की जांच करें।

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