पटना , जनवरी 25 -- जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रविवार को कहा कि पिछले बिहार चुनाव में जनता ने राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (राजग) को सत्ता, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को विपक्ष और जनसुराज को सड़क पर संघर्ष का आदेश दिया और उनकी पार्टी जनादेश का सम्मान करते हुए इस संघर्ष को जारी रखेगी।

श्री किशोर ने आज मिथिला स्टूडेंटस यूनियन के जनसुराज में शामिल होने के लिए आयोजित कार्यक्रम में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले बिहार चुनाव के नतीजे उनकी पार्टी के लिए निराशाजनक थे, लेकिन वह स्वयं निराश नही हुए हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने उनकी पार्टी को कोई सीट नही दे कर विधानसभा में जगह नही दी और सड़क पर सत्ता से संघर्ष का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी में मंथन का दौर जारी है और नई सरकार को भी अपने वादे पूरे करने के लिए समय देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सरकार को छह महीने का समय दे रही है। सरकार को चाहिए कि चुनाव से पहले महिलाओं के खाते में दस हजार देने के बाद अब और दो लाख और देने के वादे को पूरा करे। उन्होंने कहा कि रोजगार और उद्योग धंधों पर भी सरकार के वादों का जायजा लिया जाएगा और उनकी पार्टी जून के महीने से सरकार को घेरना शुरू करेगी।

जनसुराज के सूत्रधार ने कहा कि ज्वलंत मुद्दों पर आज भी उनकी पार्टी सरकार से सवाल कर रही है। उन्होंने कहा कि नीट की छात्रा से दुर्व्यवहार और हत्या के मुद्दे पर वह पीड़ित परिवारों से मिले थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और उसकी रिपोर्ट का इंतेजार है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के वरिष्ट नेता और मशहूर वकील वाई. बी. गिरी पीड़ित परिवार को मुफ्त कानूनी मदद करेंगे।

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