अम्बिकापुर , अप्रैल 17 -- ) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार राज्य में "सुशासन तिहार 2026" का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य शासन की योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है।

अंबिकापुर में कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा "सुशासन तिहार 2026" के सफल संचालन के लिए सभी विभागों एवं कार्यालय प्रमुखों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गये हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, 30 अप्रैल तक जिले में लंबित प्रकरणों के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अंतर्गत भूमि संबंधी प्रकरण जैसे नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन, मनरेगा के लंबित मजदूरी भुगतान, विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के लंबित प्रकरण, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, विद्युत एवं ट्रांसफार्मर संबंधी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे विषयों का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।

इसके साथ ही उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया है। सीपीग्राम, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन एवं अन्य जनशिकायत पोर्टलों में लंबित सभी आवेदनों का शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। निराकरण की स्थिति से आवेदकों को अनिवार्य रूप से अवगत कराने पर भी जोर दिया गया है।

अभियान के अंतर्गत एक मई से 10 जून के मध्य जिले के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर "जनसमस्या निवारण शिविर" आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह एवं शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे, जहां विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिविरों में शासकीय योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरण तथा प्राप्त आवेदनों का अधिकतम एक माह के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। प्रत्येक आवेदक को उसके आवेदन की स्थिति की जानकारी देना भी अनिवार्य किया गया है। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर शिविरों का निरीक्षण भी किया जाएगा।

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