फगवाड़ा , दिसंबर 04 -- जनरल समाज मंच पंजाब ने गुरुवार को फगवाड़ा को जिला का दर्जा दिये जाने और आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रोटेशन प्रणाली की मांग की।

मंच के पंजाब अध्यक्ष फतेह सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने चार साल पहले फगवाड़ा को ज़िले का दर्जा देने का वादा किया था, जो ऐतिहासिक रूप से कपूरथला रियासत का हिस्सा था, लेकिन वर्तमान कपूरथला ज़िला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर दूर है और इसकी कोई साझा सीमा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि निवासियों को नियमित प्रशासनिक कार्य पूरा करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए वे लंबे समय से फगवाड़ा को ज़िले का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं।

श्री सिंह ने कहा कि आप ने पिछले विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को आश्वासन दिया था कि पार्टी के सत्ता में आते ही फगवाड़ा को ज़िला घोषित करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, "सरकार के कार्यकाल में सिर्फ़ एक साल बचा है, लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।" उन्होंने सरकार से वादा किया गया काम तुरंत शुरू करने का आग्रह किया।

मंच के प्रदेश महासचिव गिरीश शर्मा और अन्य वक्ताओं ने फगवाड़ा विधानसभा क्षेत्र, जो 1962 से अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित है, और होशियारपुर लोकसभा क्षेत्र के भी आरक्षित होने पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने बताया कि लंबे समय से जारी आरक्षण सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व से वंचित करता है, जिससे अक्सर निर्वाचित नेता उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं देते।

आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों के लिए रोटेशन प्रणाली की मांग करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आरक्षित सीटों की संख्या अपरिवर्तित रहनी चाहिए, लेकिन किसी भी एक समुदाय को अनिश्चितकाल तक एक ही सीट पर कब्जा नहीं रखना चाहिए। उन्होंने विभिन्न समुदायों के लिए आयोग बनाने और सामान्य वर्ग की अनदेखी करने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की। मंच ने उनके अधिकारों की रक्षा और लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के समाधान के लिए तत्काल एक सामान्य समाज आयोग की स्थापना की मांग की।

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