नयी दिल्ली , जनवरी 05 -- संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर गये सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने सोमवार को वहां की सेना के कमांडर मेजर जनरल स्टाफ यूसुफ मयौफ सईद अल हल्लामी से मुलाकात की। सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस मुलाकात की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत के दौरान सकारात्मक सैन्य सहभागिता को और मजबूत करने, प्रशिक्षण में समन्वय बढ़ाने तथा भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
जनरल चौहान ने अमीरात के सेना संग्रहालय का भी दौरा किया, जहां उन्होंने वहां की थल सेना के समृद्ध इतिहास, परंपराओं और सैन्य विरासत के बारे में जानकारी हासिल की।
इससे पहले जनरल द्विवेदी ने संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल से भी मुलाकात की।
सेना प्रमुख आठ जनवरी तक संयुक्त अरब अमीरात और श्रीलंका की यात्रा पर हैं। यह यात्रा मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग और सैन्य-से-सैन्य संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
यात्रा के दौरान सेना प्रमुख प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे और अधिकारियों तथा सैनिकों से संवाद करेंगे, जिससे भारत और अमीरात के बीच बढ़ती रक्षा साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। इसमें नेशनल डिफेंस कॉलेज की यात्रा भी शामिल है, जहां सेना प्रमुख सभी अधिकारियों को संबोधित करेंगे। ये संवाद द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान और दोनों सशस्त्र बलों के बीच रणनीतिक समझ को और गहरा करने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं।
सेना प्रमुख 7 से 8 जनवरी तक श्रीलंका का दौरा करेंगे। आगमन पर श्रीलंका सेना द्वारा उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया जाएगा। इस दौरान वह श्रीलंका सेना के कमांडर, उप रक्षा मंत्री और रक्षा सचिव सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक नेतृत्व से मुलाकात करेंगे तथा प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा सहित आपसी हितों के विषयों पर विस्तृत चर्चा करेंगे।
श्रीलंका यात्रा के दौरान थल सेना प्रमुख रक्षा सेवा कमान एवं स्टाफ कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करेंगे और बुट्टाला स्थित आर्मी वॉर कॉलेज में अधिकारियों एवं प्रशिक्षुओं से संवाद करेंगे, जो श्रीलंका के साथ रक्षा शिक्षा और पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जनरल द्विवेदी भारतीय शांति सेना युद्ध स्मारक पर भी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे, जहां भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया जाएगा।
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