नयी दिल्ली , जनवरी 09 -- सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और श्रीलंका की आधिकारिक यात्राओं से पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र के मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग प्रगाढ़ बनाने, सैन्य संपर्क बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को बल मिला है।
रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि जनरल द्विवेदी की दो देशों की चार दिन की यात्रा गुरुवार को संपन्न हो गयी और इस दौरान यूएई और श्रीलंका दोनों के साथ रक्षा और सैन्य-से-सैन्य सहयोग को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाया गया। इसके तहत रणनीतिक संवाद को सशक्त किया गया, पेशेवर सैन्य शिक्षा के आदान-प्रदान का विस्तार किया गया तथा ठोस क्षमता निर्माण पहलों को आगे बढ़ाया गया। इससे पारस्परिक विश्वास मजबूत हुआ, अंतर-संचालन क्षमता में वृद्धि हुई और एक विश्वसनीय एवं भरोसेमंद रक्षा साझेदार के रूप में भारत की भूमिका और सुदृढ़ हुई।
सेना प्रमुख ने 5 से 6 जनवरी तक यूएई की यात्रा के दौरान वहां की सेना के कमांडर सहित यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ नेतृत्व के साथ व्यापक चर्चा की। इन चर्चाओं में रक्षा सहयोग को मजबूत करने, अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने तथा संयुक्त प्रशिक्षण और पेशेवर सैन्य आदान-प्रदान के नए अवसरों का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जनरल द्विवेदी को यूएई सेना की संगठनात्मक संरचना, भूमिकाओं और परिचालन क्षमताओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा किया, जहां उन्होंने अधिकारियों और सैनिकों से बातचीत की। इन संवादों से सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और पारस्परिक हितों के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला।
सेना प्रमुख ने यूएई नेशनल डिफेंस कॉलेज में अधिकारियों को संबोधित करते हुए रणनीतिक संवाद, नेतृत्व विकास और क्षेत्रीय तथा वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने यूएई में भारत के राजदूत दीपक मित्तल से भी मुलाकात की, जिसमें रक्षा कूटनीति और सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके बाद सेना प्रमुख ने श्रीलंका का दौरा किया जहां उन्होंने श्रीलंका सेना के कमांडर, उप रक्षा मंत्री और रक्षा सचिव सहित वरिष्ठ सैन्य एवं नागरिक नेतृत्व के साथ सार्थक बातचीत की। इन चर्चाओं में प्रशिक्षण सहयोग, क्षमता निर्माण, रक्षा शिक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य पर विशेष ध्यान दिया गया।
रक्षा क्षमता निर्माण के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हुए, सेना प्रमुख ने डिफेंस सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज (डीएससीएससी) में अधिकारियों को संबोधित किया और आर्मी वॉर कॉलेज, बट्टाला में अधिकारियों व प्रशिक्षुओं के साथ संवाद किया।
आर्मी वॉर कॉलेज की यात्रा के दौरान जनरल द्विवेदी ने एक खेल परिसर का शिलान्यास किया और एंबुलेंस वैन औपचारिक रूप से सौंपे। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रीलंका सेना को 20 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन और सिमुलेटर भी सौंपे, जिससे उसकी परिचालन क्षमता और प्रशिक्षण अवसंरचना को और मजबूती मिली।
सेना प्रमुख ने भारतीय शांति सेना के युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की, भारतीय सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया और भारत तथा श्रीलंका के बीच साझा इतिहास एवं गहरे जन-जन के संबंधों की पुनः पुष्टि की। उन्होंने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा से भी मुलाकात की।
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