नयी दिल्ली , अक्टूबर 07 -- भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमानों के बेड़े की रीढ माने जाने वाले मिग-21 की विदाई के बाद लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने के लिए चल रही कवायद के बीच भारत और अमेरिका ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस एलसीए एमके1ए के लिए इंजनों की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह समझौता तेजस विमान को बना रहे भारत के रक्षा क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रम हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और अमेरिका की मेसर्स जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी के बीच हुआ है। इसके तहत एचएएल को 113 एफ 404 जीई आईएन -20 इंजनों की आपूर्ति की जाएगी।

एचएएल ने शुक्रवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा," हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने 7 नवंबर 2025 को मेसर्स जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी, अमेरिका के साथ 113 एफ404-जीई-आईएन 20 इंजनों की आपूर्ति और 97 एलसीए एमके1ए कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए सहायता पैकेज के लिए एक समझौता किया है।"ईंजनों की आपूर्ति वर्ष 2027 से 2032 के बीच की जाएगी। एचएएल के साथ 97 तेजस विमानों की खरीद के लिए कुछ महीने पहले ही एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे।

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