खरगोन , नवम्बर 16 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में जननी सुरक्षा योजना की एंबुलेंस का दुरुपयोग कर शराब तस्करी किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। चैनपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक एंबुलेंस से 52 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद की गई। घटना के बाद सेवा प्रदाता कंपनी ने तत्काल प्रभाव से वेंडर का अनुबंध समाप्त करते हुए छह कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।
थाना प्रभारी गहलोत सेमलिया के अनुसार हेला पड़ावा पुलिस चौकी क्षेत्र में पशुओं के अवैध परिवहन की रोकथाम के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे। इसी दौरान एक एंबुलेंस बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करती दिखी। पुलिस ने पीछा किया तो चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। तलाशी में एंबुलेंस से बड़ी मात्रा में अवैध शराब मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दौलत सिंह चौहान ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही जांच टीम मौके पर भेजी गई। रिपोर्ट मिशन संचालक और कलेक्टर को भेज दी गई है। संबंधित एंबुलेंस मंडलेश्वर क्षेत्र के लिए आवंटित थी, लेकिन उसे झिरनिया क्षेत्र में पकड़ा गया, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
जिला कलेक्टर भव्या मित्तल ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वही सेवा प्रदाता कंपनी जेएईएस लिमिटेड, भोपाल के सीनियर मैनेजर तरूण सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन को सूचित किया कि वेंडर सुरेश बडोले का अनुबंध समाप्त कर दिया गया है। साथ ही डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर अखिलेश शुक्ला, असिस्टेंट मैनेजर बेनी रजक, एग्जीक्यूटिव मोनू अहिरवार, ईआरओ बृजेश विश्वकर्मा, राहुल विश्वकर्मा और चालक तारा सिंह चौहान को सेवा से बर्खास्त किया गया है। कंपनी ने पुलिस को अलग से शिकायत भी दर्ज करवाई है।
तरूण सिंह ने बताया कि प्रदेश में संचालित एकीकृत रेफरल ट्रांसपोर्ट प्रणाली के अंतर्गत एम्बुलेंस सेवाओं में सुधार और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संस्था द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। श्री सिंह ने कहा कि समस्त कर्मचारियों को स्पष्ट एवं कड़ी चेतावनी जारी कर दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अनैतिक, अवैध अथवा अनुशासनहीन गतिविधि की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने बताया कि एम्बुलेंस वाहनों की सतत निगरानी और रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए आरटीएम टीम की संख्या बढ़ाई जा रही है। यह टीम सभी वाहनों पर गहन निगरानी रखेगी। संस्था द्वारा कर्मचारियों की नियुक्ति के समय पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जा रहा है।
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