भोपाल , अक्टूबर 27 -- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन रक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मिलावटखोरी कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इंदौर केवल स्वच्छता और स्वाद की धरती ही नहीं, बल्कि सुशासन और सेवा की धरती भी है। यहां लोकार्पित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को इंदौर जिले के सांवेर विधानसभा क्षेत्र के लसुडिया मोरी में नवनिर्मित खाद्य एवं औषधि परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह प्रयोगशाला "जनता का स्वाद, जनता का स्वास्थ्य और जनता की सुरक्षा" के सूत्र पर आधारित है। इंदौर में लैब शुरू होने से प्रदेश में खाद्य सामग्रियों और दवाओं की जांच क्षमता बढ़कर प्रतिवर्ष 20 हजार सैंपल तक पहुँच जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि फिलहाल प्रदेश में भोपाल के बाद यह दूसरी लैब शुरू हुई है। अगले तीन महीनों में जबलपुर और ग्वालियर में भी नई लैब प्रारंभ की जाएंगी। साथ ही, फूड और ड्रग टेस्टिंग के लिए चलित मोबाइल लैब्स भी शुरू की जाएंगी, जिनमें माइक्रोबायोलॉजिकल जांच की सुविधा होगी।
डॉ. यादव ने कहा कि यह पांच मंजिला, अत्याधुनिक और पूर्ण सुविधायुक्त लैब 3700 वर्गफीट में 8 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित की गई है। इससे पूरे मालवांचल को लाभ मिलेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मिलावटखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
कार्यक्रम में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र पटेल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित