लखनऊ , नवम्बर 18 -- उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड ने कहा है कि जनजातीय समाज के उत्थान के लिए प्रदेश सरकार लगातार कार्य कर रही है।

श्री गोंड मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित जनजातीय भागीदारी उत्सव के समापन कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने प्रदर्शनी और सांस्कृतिक मंच का भ्रमण कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। इस दौरान अरुणाचल प्रदेश के सांस्कृतिक दल ने उन्हें पारंपरिक ''खादा'' और ''टांगों'' पहनाकर पूर्वोत्तर की सम्मान-परंपरा का अनूठा परिचय प्रस्तुत किया।

श्री गोंड ने कलाकारों की समर्पित कला-संरक्षण भावना की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे आयोजन विविधता में एकता और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश देते हैं।

देशभर से आए जनजातीय कलाकारों की उपस्थिति ने पूरे परिसर को विविध सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। उत्सव में भारी भीड़ उमड़ी, जिसने जनजातीय कला और परंपराओं के प्रति बढ़ती जन-रुचि को स्पष्ट रूप से दर्शाया।

उत्सव में उत्तराखंड के कलाकारों ने अपनी पहाड़ी संस्कृति पर आधारित पारम्परिक नृत्य प्रस्तुत किए, जिनमें पर्वतीय जीवन, लोक-त्योहारों और प्रकृति से जुड़ी अनुभूतियों की झलक देखने को मिली। वहीं, चित्रकूट के कलाकारों ने बुंदेलखंड की परंपरा पर आधारित ''बुआ को नेग मांगने'' वाले गीत और नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों को स्थानीय लोक-संस्कृति का जीवंत अनुभव कराया।

कार्यक्रम के दौरान शिल्पकारों, जनजाति विकास विभाग, उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान तथा टीआरआई से जुड़े अधिकारियों और लोक कलाकारों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर निदेशक जनजाति विकास श्री शिव प्रसाद, टीआरआई के संयुक्त निदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, संस्थान के निदेशक अतुल द्विवेदी और उपनिदेशक डॉ. प्रियंका वर्मा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

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