धार , फरवरी 24 -- मध्यप्रदेश में धार जिला मुख्यालय स्थित जनजाति कार्य विभाग कार्यालय में एक शिक्षिका एवं उसके परिजनों द्वारा कथित रूप से हंगामा और अभद्र व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। घटना के विरोध में विभागीय कर्मचारियों ने नौगांव थाने में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ज्ञानपुरा हाईस्कूल की शिक्षिका रेखा यादव अपनी पुत्री देलमी सुहासिनी यादव तथा पति धर्मेंद्र यादव के साथ बिना अनुमति सहायक आयुक्त के कक्ष में पहुंचीं। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने शासकीय कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की तथा टेबल पर रखा कांच का गिलास तोड़ दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यालयीन कर्मचारियों द्वारा समझाने का प्रयास किए जाने पर उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि संबंधित पक्ष द्वारा जान से मारने तथा आत्महत्या करने की धमकी भी दी गई। घटना के समय ग्राम पंचायत कपास्थल के सरपंच रामप्रसाद मावी भी कार्यालय में उपस्थित थे।
बताया गया है कि संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध विद्यालय में भी सहकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आई हैं। विद्यालय के प्राचार्य एवं अन्य कर्मचारियों ने प्रशासन से उनका अन्यत्र स्थानांतरण करने की मांग की है।
घटना से आक्रोशित विभागीय कर्मचारियों ने नौगांव थाने पहुंचकर लिखित आवेदन सौंपा और सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वे कलमबंद हड़ताल पर जाएंगे।
सहायक आयुक्त जनजाति कार्य विभाग नरेंद्र बरखड़े ने कहा कि शिक्षिकाओं द्वारा कार्यालय में आकर अभद्रता और हंगामा किया गया है। मामले की शिकायत नौगांव थाने में की गई है तथा जांच उपरांत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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