जगदलपुर , जनवरी 15 -- छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र का ऑडिटोरियम गुरुवार को युवाओं की तीखी बहसों और संसदीय कार्यवाही से गूंज उठा। यहाँ आयोजित बस्तर संभाग स्तरीय युवा संसद प्रतियोगिता 2025-26 में क्षेत्र के सातों जिलों के प्रतिभागियों ने संसदीय लोकतंत्र का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया कि दर्शक और निर्णायक दोनों मंत्रमुग्ध रह गए। प्रतियोगिता के अंत में कोण्डागांव जिले की टीम ने शीर्ष स्थान हासिल कर संभाग का प्रतिनिधित्व करने का गौरव प्राप्त किया।
जिला पीआरओ से गुरुवार को मिली जानकारी के मुताबिक यह प्रतिस्पर्धा अत्यंत रोमांचक और रही, जहाँ सुकमा जिले के युवा प्रतिभागियों ने अपने मजबूत तर्कों और आत्मविश्वास से कोण्डागांव को कड़ी टक्कर देते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कांकेर जिले ने भी अपनी प्रभावी प्रस्तुति से तीसरा स्थान सुरक्षित किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में बस्तर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सुकमा, बीजापुर, कांकेर और कोण्डागांव जिलों से प्रत्येक के 40-40 युवा प्रतिभागियों, यानी कुल 280 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इन युवाओं ने संसद की वास्तविक कार्यवाही, प्रश्नकाल की गहनता और विधायी बहसों के नाटकीय मंचन के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बारीकियों को साकार किया।
प्रतिभागियों के प्रदर्शन का आकलन एक विशेषज्ञ निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें डॉ. सोनाली कर, डॉ. चेतना पद्माक्षी ठाकुर, डॉ. नीता मिश्रा, डॉ. रेशमा कौशल और डॉ. विनीता पाण्डेय शामिल थीं। निर्णायकों ने युवा प्रतिभागियों की संसदीय भाषा पर पकड़, विषय-वस्तु की गहन समझ, तार्किक क्षमता, आत्मविश्वास और अनुशासन जैसे मानदंडों पर गहनता से विचार करने के बाद अपना निर्णय दिया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य युवा पीढ़ी को देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसदीय प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक, शिक्षित और उत्साहित करना था, जिसमें इसे स्पष्ट सफलता मिली है।
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