रुद्रप्रयाग,07दिसम्बर(वार्ता) उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग जनपद के जखोली विकासखंड में भालू और गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सौंदर्यता के लिए प्रसिद्ध यह क्षेत्र वन्यजीव हमलों से दहशत में है। विगत कई दिनों से आदमखोर भालू और गुलदार की गतिविधियों ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
कुछ दिन पहले ग्राम पंचायत धारकुड़ी में एक आदमखोर भालू ने सात महिलाओं पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। वहीं धनकुराली, पालाकुराली, उछना और उरोली गांवों में भालू दरवाजे तोड़कर कई मवेशियों को मौत के घाट उतार चुका है।
स्थिति यह है कि अब शनिवार और आज रविवार को मयाली बाजार में भी भालू खुलेआम घूमता दिखाई दिया। करीब 5 बजे देखे गए भालू को ग्रामीणों के शोर और कुत्तों के भौंकने पर एक पेड़ पर शरण लेनी पड़ी। वैज्ञानिक मानते हैं कि भालू चीड़ के पेड़ों के गर्म स्थानों में कम आते हैं, लेकिन अब इस इलाके में भी उनकी मौजूदगी से ग्रामीण सहमे हुए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर महसूस कर रहे हैं।
इधर ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग लगातार फोन नहीं उठा रहा है। दक्षिणी रेंज के रेंजर नंदकिशोर थपलियाल पर कॉल रिसीव न करने को लेकर नाराज़गी जताई गई है। राज्य आंदोलनकारी सुरेंद्र सकलानी, भीम पुंडीर, आशीष काला, पवन काला और धीरज मणि भट्ट ने चेतावनी दी है कि किसी भी इंसानी नुकसान के लिए वन विभाग पूरी तरह जिम्मेदार होगा।
वहीं डीएफओ रुद्रप्रयाग रजत सुमन ने बताया कि गुलदार और भालू को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्कता व धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
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