जकार्ता , दिसंबर 08 -- इंडोनेशिया के जावा प्रांत के वन्य जीव संरक्षण केंद्र तमन सफारी इंडोनेशिया (टीएसआई) में एक विशाल पांडा शावक ने जन्म लिया है। यह घटना देश के लुप्तप्राय प्रजातियों को बचाने के प्रयासों में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

टीएसआई के सोमवार के बयान के अनुसार, इस शावक को 27 नवंबर को मादा पांडा हचुन ने जन्म दिया। हचुन उन दो विशाल पांडाओं में से एक है जिन्हें चीन के साथ 10 साल के संरक्षण सहयोग कार्यक्रम के तहत 2017 में इंडोनेशिया भेजा गया था। टीएसआई ने कहा कि यह जन्म उसकी वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित प्रजनन कार्यक्रम की प्रभावशीलता को दर्शाता है। इसमें चीन के विशेषज्ञों का भी सहयोग मिला है।

शावक की हालत स्थिर है और उसे लगातार निगरानी में रखा जा रहा है। चीन के जायंट पांडा संरक्षण और अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञ तकनीकी सहायता के लिए वहीं मौजूद हैं।

इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियान्तो ने चार दिसंबर को इस नवजात का नाम आधिकारिक रूप से 'सात्रियो' रखा, जिसका अर्थ है 'योद्धा' या 'नायक'। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह नाम इंडोनेशिया और चीन के बीच लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा में मजबूत सहयोग और दृढ़ता का प्रतीक बनेगा।

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