अंबिकापुर/बैकुंठपुर, मार्च 15 -- छत्तीसगढ़ के जिला कोरिया के दुर्गम जंगलों में महुआ शराब के अवैध निर्माण और सप्लाई के धंधे का पर्दाफाश करते हुए संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा ने हाईटेक अंदाज में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने ड्रोन कैमरे की मदद से गदबदी के जंगल में छापेमारी कर दो कुख्यात तस्करों को गिरफ्तार किया है।
आबकारी कार्यालय से आज मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 15 मार्च की दोपहर को फाटपानी गदबदी के जंगल में की गई। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि पिछले काफी समय से कोरिया जिले के नागरिकों द्वारा सूचना मिल रही थी कि फाटपानी के सुदूर जंगल में सुनियोजित तरीके से देशी शराब का भट्ठा/कारखाना चल रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह बड़े पैमाने पर महुआ शराब तैयार कर पूरे कोरिया जिले में इसकी सप्लाई कर रहा था।
चूंकि यह इलाका अत्यधिक संवेदनशील और घने जंगलों से घिरा हुआ है, ऐसे में सामान्य तरीके से छापेमारी करने पर आरोपियों के भाग निकलने की प्रबल संभावना थी। इस चुनौती को देखते हुए आबकारी टीम ने एक अलग रणनीति बनाई। सहायक आबकारी अधिकारी गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने ऑपरेशन को अंजाम देने से पहले पूरे जंगल की निगरानी ड्रोन कैमरे से की। ड्रोन की मदद से न केवल शराब बनाने के ठिकानों की सटीक लोकेशन का पता लगाया गया, बल्कि वहां मौजूद लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई।
ड्रोन से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जब टीम ने घेराबंदी कर छापा मारा, तो मौके से भारी मात्रा में शराब और लाहन (नशीला द्रव्य/एक तरह की शराब) बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फाटपानी गदबदी निवासी मुख्य सप्लायर नीलकमल सिंह उर्फ नीलू सिंह और उसके सहयोगी संतोष बरगाह के रूप में हुई है। दोनों अपने घर के समीप जंगल में नाले के किनारे झाड़ियों की आड़ में लंबे समय से इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहे थे।
आबकारी टीम ने नीलकमल सिंह के कब्जे से 55 लीटर तैयार महुआ शराब और लगभग 3500 किलोग्राम महुआ लाहन (कच्ची शराब) जब्त किया। वहीं, संतोष बरगाह के पास से 25 लीटर तैयार महुआ शराब बरामद हुआ। इस तरह कुल 80 लीटर शराब और हजारों किलो लाहन जब्त कर इस गिरोह को बड़ा झटका दिया गया है।
रंजीत गुप्ता ने बताया कि जंगल क्षेत्रों में कार्रवाई के दौरान सबसे बड़ी समस्या आरोपियों का फरार हो जाना होती है। अक्सर माल/सामान जब्त हो जाता है, लेकिन आरोपी पुलिस को चकमा देकर भाग निकलते हैं। इस बार तकनीक का सहारा लेते हुए पूरी योजना बनाकर काम किया गया, जिसका परिणाम सकारात्मक रहा। ड्रोन से लगातार निगरानी रखने के कारण मुख्य आरोपियों को दबोचना संभव हो सका।
दोनों गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1), 34(2) और 59(क) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर उन्हें माननीय न्यायालय बैकुंठपुर में पेश किया गया। अदालत ने दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
इस सफल कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, मुख्य आरक्षक कुमारू राम, रमेश दुबे, अशोक सोनी, नगर सैनिक गणेश पांडेय, रणविजय सिंह, ओम प्रकाश गुप्ता तथा महिला सैनिक राजकुमारी सिंह और चंद्रावती ने अहम भूमिका निभाई।
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