श्योपुर , दिसंबर 06 -- मध्यप्रदेश के श्योपुर जिला स्थित कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्प्रजनन परियोजना को एक बड़ा झटका लगा है।

अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस पर चार दिसंबर को बाड़े से मां वीरा के साथ जंगल में छोड़े गए दो शावकों में से एक की मौत हो गई है। कूनो पार्क सूत्रों के अनुसार कल मृत मिला शावक 10 महीने का था।

जानकारी के अनुसार मादा चीता और उसके दो शावकों को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 4 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस के अवसर पर कूनो के पारौंड रेंज में छोड़ा था, लेकिन, रात होते-होते एक शावक अपनी मां से बिछड़ गया और सुबह उसकी मौत की खबर आई, जबकि एक शावक सुरक्षित है।

वन अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार रात शावक के रेडियो-कॉलर का सिग्नल खो गया था। पांच दिसंबर शुक्रवार को जब सिग्नल फिर से मिला, तो वह मृत पाया गया। हालांकि, उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।यह घटना भारत के चीता पुनर्प्रजनन परियोजना के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर तब जब इसे एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा था। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई वीरा ने फरवरी 2025 में इन दो शावकों को जन्म दिया था। कूनो नेशनल पार्क में अब कुल 27 चीते बचे हैं। इनमें आठ वयस्क चीते हैं, जिनमें पांच मादा और तीन नर शामिल हैं। बाकी 19 चीते भारत में जन्मे शावक हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित