नयी दिल्ली , जनवरी 20 -- डाक विभाग (डीओपी) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा हाल में जारी अधिसूचनाओं के अनुसार डाक चैनल के माध्यम से किए गए निर्यातों के लिए शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा राज्य और केंद्रीय करों एवं शुल्कों पर छूट (आरओएससीटीएल) जैसे निर्यात लाभ देने की व्यवस्था प्रारंभ कर दी है।
निर्यात की खेपों पर शुल्कों और करों की छूट को डॉक के जरिए भेजी जाने वाली निर्यात-खेप पर भी लागू करने की सीबीआईसी की व्यवस्था 15 जनवरी 2026 से प्रभावी की गयी है। यह जानकारी संचार विभाग की मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी।
मंत्रालय ने इस पहल को खासकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), कारीगरों, स्टार्टअप और छोटे निर्यातकों के लिए निर्यात प्रक्रिया को सरल और व्यापक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।छोटी इकाइयां छोटे और मध्यम मूल्य की निर्यात की खेपों को बाहर भेजने के लिए डाक नेटवर्क पर बहुत अधिक निर्भर हैं।
बयान में कहा गया है कि एकीकृत माल एवं सेवा कर (आईजीएसटी) की रिफंड व्यवस्था के पहले से लागू होने के कारण, डाक चैनल के माध्यम से निर्यात पर भी कर और शुल्कों में लाभ का प्रोत्साहन मिलने से निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढती है।
इस योजना के लिए डाक विभाग और सीबीईसी ने डाक घर निर्यात केंद्र (डीएनके) सुविधा चालू की है। यह एक ही छत के नीचे शुरू से अंत तक निर्यात सुविधा प्रदान करती है।इस समय देश भर में ऐसे 1,013 केंद्र संचालित किये जा रहे हैं, जो दूरदराज और वंचित क्षेत्रों से निर्यातकों को बुकिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और निर्बाध सीमा शुल्क निकासी के माध्यम से वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करते हैं।
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