भोपाल , जनवरी 20 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने छुट्टी के दिन और मुख्यमंत्री के विदेश दौरे से पहले किए गए प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों पर कड़ा हमला बोला है। माकपा का आरोप है कि इसे भले ही प्रशासनिक सर्जरी बताया जा रहा हो, लेकिन वास्तव में यह खनन माफियाओं से सीधे कमीशन की वसूली सुनिश्चित करने की कवायद है।
माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा अपने सचिव को खनन विभाग सौंपना इस बात का संकेत है कि खनन माफियाओं से होने वाली वसूली पर सीधा मुख्यमंत्री कार्यालय का नियंत्रण स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नई व्यवस्था के बाद प्रदेश में अवैध खनन का कारोबार और फले-फूलेगा तथा प्राकृतिक संसाधनों की लूट और बढ़ेगी।
जसविंदर सिंह ने कहा कि प्रदेश में जमीन और शराब के अवैध कारोबारियों को पहले से ही मुख्यमंत्री कार्यालय का संरक्षण प्राप्त रहा है और अब खनन के अवैध कारोबार के संरक्षक भी मुख्यमंत्री स्वयं बन गए हैं।
माकपा नेता ने कहा कि यह प्रशासनिक फेरबदल ऐसे समय में किया गया है, जब दूषित पानी से इंदौर में 23 लोगों की जान जा चुकी है और प्रदेश के 373 नगर निकायों में दूषित पानी की आपूर्ति होने की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार की प्राथमिकता जनता की जान बचाना और उन्हें स्वच्छ पानी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि कमीशन कमाना है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार से माफियाओं के साथ कथित सांठगांठ कर कमीशन वसूली करने के बजाय जन समस्याओं के सार्थक समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास करने की मांग की है।
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