दरभंगा, मार्च 17 -- बिहार के दरभंगा जिले की एक अदालत ने सातवीं कक्षा की एक छात्रा की निर्मम हत्या के जुर्म में छात्रावास के वार्डेन को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक संजीव कुमार कुंवर ने बताया कि दरभंगा जिले के अनुसूचित जाति जनजाति अधिनियम के (एससी/एसटी एक्ट) के विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र कुमार की अदालत ने सातवीं कक्षा की एक छात्रा की निर्मम हत्या के जुर्म में कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, बहेड़ी के छात्रावास की तत्कालीन वार्डेन रेखा सिन्हा को सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक श्री कुंवर ने बताया कि 15 सितंबर 2024 को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, बहेड़ी में आवासित पतोर थाना क्षेत्र के श्रीरामपिपरा गांव की सातवीं कक्षा की एक छात्रा की मौत हो गई। इस घटना को लेकर मृतका के पिता ने बहेड़ी थाना में लिखित आवेदन दिया। जिसमें आरोप लगाया कि हॉस्टल के वार्डेन के पर्स से एक हजार रुपया चोरी हो गया, जो मृतका के समान से बरामद हुआ। इसी बात को लेकर वार्डेन ने पुछताछ के क्रम में बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी। इसकी प्राथमिकी बहेड़ी थाना में दर्ज हुई थी। बहेड़ी थाना कांड सं. 326/24 से बने एससी/एसटी वाद सं. 03/25 की सूनवाई पूरी कर 10 मार्च 25 को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, बहेड़ी के छात्रावास की तात्कालीन वार्डेन रेखा सिन्हा को भारत न्याय संहिता (बी एन एस) 108 और एससी/एसटी ऐक्ट की धारा 3 (2)(5) में दोषी घोषित करते हुए वार्डेन का बंधपत्र खंडित कर जेल भेज दिया था।
उन्होंने बताया कि अदालत ने पटना जिला के पतौना गॉव निवासी रेखा सिन्हा को मंगलवार को भारत न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 में 10 वर्ष का कारावास और एससी एसटी एक्ट की धारा 3 (2) (5) में सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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