चंडीगढ़/अम्बाला , मार्च 25 -- राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो अम्बाला ने छात्रवृत्ति घोटाले मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ कैथल की अदालत में चालान पेश किया है।
आरोपी धर्मबीर (बीएल सेंटर संचालक), राजेश कुमार और नवीन कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी छात्रवृत्ति राशि का गबन किया।
जांच में खुलासा हुआ कि शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान आरोपियों ने 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। इसके बाद पंजाब के शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दिखाकर छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार किए गए। दस्तावेजों को वैध दिखाने के लिए कालेजों की जाली मोहर, प्रिंसिपल के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी हाजिरी रजिस्टर का इस्तेमाल किया गया।
इन दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल कार्यालय में जमा करवाकर छात्रवृत्ति स्वीकृत करवाई गई। आरोपियों ने बायोमैट्रिक, चेक और अन्य माध्यमों से कुल 44,59,760 रुपये की राशि निकालकर अपने खातों में ट्रांसफर कर ली, जिससे सरकार और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान हुआ।
इस मामले में 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। 29 दिसंबर 2025 को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें नवीन कुमार छह फरवरी 2026 से जमानत पर है जबकि धर्मबीर और राजेश कुमार न्यायिक हिरासत में हैं।
मामले में एक अन्य आरोपी तत्कालीन बैंक अधिकारी हुकम चंद गुप्ता (सेवानिवृत्त) की गिरफ्तारी अभी लंबित है।
ब्यूरो के अनुसार मामले की गहन जांच के बाद चालान पेश कर दिया गया है और भ्रष्टाचार के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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