रायपुर/बस्तर,04 (वार्ता) छत्तीसगढ में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच कल हुई मुठभेड़ में 18 नक्सली मारे गये हैं और सुरक्षा बल के तीन जवान शहीद हुए हैं तथा अन्य तीन घायल हैं। तलाशी अभियान गुरुवार को भी जारी है।

पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी कंपनी नंबर दो, भैरमगढ़ एरिया कमेटी और गंगालूर एरिया कमेटी के नक्सलियों ने बुधवार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), कोबरा, केन्द्रीय रिजव पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में भारी गोलीबारी हुयी। नक्सलियों के गोलबारी का जवाब देते हुए सुरक्षाबल के जवानों ने 18 नक्सलियों को मार गिराया है।

कल देर रात तक छत्तीसगढ़ पुलिस ने आधिकारिक तौर पर 12 नक्सलियों के मारे जाने की बात कही थी, देर रात तक पुलिस ने सिर्फ एक नक्सली की पहचान के बारे में बताया था। यह मुठभेड़ कल सुबह नौ बजे शुरू हुई और रात नौ बजे तक चली। मुठभेड़ में शामिल बहुत से जवानों ने रात भी जंगल के अंदर ही गुजारी है, बैकअप टीम के साथ रात भर जंगल में गुजारने वाले गुरिल्ला वॉर लड़ने में बेहद प्रशिक्षित जवानों ने गुरुवार को भी तलाशी अभियान को जारी रखा हुआ है।

पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में आठ लाख के ईनामी नक्सली मोड़यामी वेल्ला की पहचान सबसे पहले हो सकी है, बाकी 17 नक्सलियों की पहचान का काम जारी है, नक्सली वेल्ला पीपुल्स गुरिल्ला आर्मी कम्पनी नंबर दो कमांडर एवं डिवीजनल कमेटी का मेंबर था। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से एलएमजी मशीन गन, और चार तरह के रायफल्स (एके 47,एसएलआर, इंसास और.303) बरामद किए हैं और भारी मात्रा में गोला बारूद और अन्य हथियारों की बरामदगी की है। नक्सलियों की भारी गोलीबारी का सामना करते हुए डीआरजी के तीन जवान प्रधान आरक्षक मोनू बड्डी,आरक्षक दुकारू गोंड और जवान रमेश सोढ़ी शहीद हुए हैं। सहायक उप निरीक्षक जनार्दन कोर्राम और आरक्षक सोमदेव यादव एवं एक अन्य जवान को हवाई मार्ग से राजधानी रायपुर भेजा गया है, यहां इनका इलाज जारी है।

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