रायपुर/सुकमा , नवम्बर 18 -- देश में कुख्यात माओवादी कमांडर मादवी हिड़मा सुरक्षा बलों के साथ हुयी मुठभेड़ में मंगलवार को मारा गया। उसके साथ ही उसकी पत्नी मढ़कम राजे भी मारी गई। हिडमा 24 से अधिक बड़े नक्सली हमलों का मास्टरमाइंड रह चुका था। उसे 2013 के दरभा घाटी नरसंहार और 2017 के सुकमा हमले के लिए जिम्मेदार बताया गया था।

छत्तीसगढ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने आज हिड़मा के मारे जाने की पुष्टी की। लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर रहे हिड़मा की मौत को नक्सलविरोधी अभियानों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

बीते दिनों हिड़मा की मां ने भावुक अपील करते हुए कहा, "बेटा, वापस आकर आत्मसमर्पण कर दो।" इस अपील के दौरान राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा स्वयं हिड़मा की मां के घर पहुंचे थे और उनके साथ दोपहर का भोजन भी किया था। आज सामने आई इस बड़ी कार्रवाई ने पूरे बस्तर क्षेत्र में हलचल मचा दी है।

डीजीपी ने जगदलपुर में यूनीवार्ता से बात करते हुए बताया कि मुठभेड़ में हिड़मा समेत छह नक्सली मारे गए हैं, जिनकी पहचान हिड़मा - सेंट्रल कमेटी सदस्य (सीसीएम), मड़कम राजे (पत्नी) - (एसजेडसीएम), लकमल - डीसीएम, कमलु - पीपीसीएम, मल्ला - पीपीसीएम और देवे - हिडंमा का गार्ड के रूप में हुयी है। सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ स्थल से दो एके-47, एक रिवॉल्वर और एक पिस्टल बरामद की है।

आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ सीमा के घने वन क्षेत्र में आज सुबह सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई बड़ी मुठभेड़ में छह नक्सलियों के मारे गये। इनमें हिडमा और उसकी पत्नी भी शामिल हैं। आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सीतारामराजू जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित बरदार ने बताया कि मुठभेड़ सुबह 6.30 से सात बजे के बीच मरेदुमिल्ली मंडल के वन क्षेत्र में हुई।

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