सरगुजा , दिसंबर 02 -- छत्तीसगढ के सीतापुर में नृत्य के दौरान आदिवासी युवती के साथ हुई छेड़खानी की घटना ने बड़ा विवाद ले लिया पुलिस ने एक पक्ष की शिकायत लिखकर मामले के पटाक्षेप की उम्मीद की लेकिन सोमवार देर रात आदिवासी युवती के पक्ष में सैकड़ों लोगों ने दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करवाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 30 को जाम कर दिया।

पुलिस ने लोगों से सड़क से हटने की अपील की लेकिन आंदोलनकारी लोगों जिनमें आदिवासी महिलाओं की संख्या ज्यादा थी, उन्होंने "पहले एफआईआर लिखिए तब हम लोग रास्ते से हटेंगे" का फरमान सुना दिया। महिलाओं की जिद के सामने पुलिस की एक न चली और प्राथमिकी लिखनी पड़ी। मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई और मामले की विवेचना जारी है लेकिन दोनों ही पक्ष के लोगों का मानना है कि पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित पक्ष, आरोपी पक्ष हो गया है।

सीतापुर उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) राजेंद्र मंडावी ने घटना के बारे में कहा, "सोमवार की रात युवकों के बीच एक आदिवासी युवती की छेड़खानी के बाद विवाद हुआ था, यह विवाद मारपीट में बदल गई, पुलिस ने एक पक्ष की एफआईआर लिखी थी, इस एफआईआर के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम किया हुआ है अभी एफआईआर लिखी जा रही है, एफआईआर लिखने के बाद लोगों को सड़क से हटाया जाएगा, मामले की जांच करके आरोपियों की गिरफ्तारी भी होगी।"राष्ट्रीय राजमार्ग देर रात तक बाधित था, रात में आंदोलन कर रहे लोगों ने सड़क में आवाजाही होने दी लेकिन चेतावनी के मुताबिक आज सुबह से सीतापुर के स्थानीय लोगों ने फिर से राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया, मौके पर जिले के 400 से अधिक पुलिस के जवानों ने कानून व्यवस्था की स्थिति को संभाला हुआ है।

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