रायपुर , अप्रैल 10 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय द्वारा आदिवासी समाज से अधिक संतानें पैदा करने की अपील के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

यहां आयोजित सर्व आदिवासी समाज की बैठक में श्री साय ने आदिवासी परिवारों को कम से कम पांच बच्चे पैदा करने की सलाह दी, जिस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है।

श्री साय ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के 'हम दो, हमारे दो' के नारे का सर्वाधिक पालन आदिवासी समाज ने किया, जिसका नुकसान समाज को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश में आदिवासियों की आबादी धीरे-धीरे कम हो रही है और इसे रोकने के लिए अधिक बच्चे पैदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने तर्क दिया कि आबादी अधिक होने से समाज बड़ा और शक्तिशाली रहेगा, जिससे आदिम संस्कृति, सभ्यता और परंपराएं सुरक्षित रहेंगी।

वरिष्ठ नेता ने छत्तीसगढ़ में आदिवासियों के 32 प्रतिशत को बरकरार रखने पर जोर देते हुए कहा कि इसे किसी भी साजिश के तहत कम नहीं किया जाना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि इसमें जनगणना के दौरान अलग धर्म कोड की मांग का भी संकेत छिपा है।

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा वे वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने जो भी बोला होगा, सोच-समझकर ही बोला होगा।

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