रायपुर , जनवरी 24 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने चुनाव आयोग के समक्ष राज्य में मतदाता सूची के सुनियोजित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
उन्होंने दावा किया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद, फॉर्म-7 का उपयोग करके विशेष वर्गों के लाखों वैध मतदाताओं के नाम गैर-कानूनी तरीके से सूची से हटाने का अभियान चलाया जा रहा है।
डॉ. महंत ने कहा कि राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में उन मतदाताओं की पहचान की जा रही है जो भाजपा के समर्थक नहीं हैं और फिर फॉर्म-7 के जरिए उनके नाम सूची से विलोपित करवाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यालय, रायपुर से भी ऐसे फॉर्म भेजे जा रहे हैं और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रति बूथ कम से कम 100 से 200 मतदाताओं का नाम कटवाने का लक्ष्य दिया गया है। इस हिसाब से प्रत्येक विधानसभा से लगभग 20 हजार मतदाताओं को उनके अधिकार से वंचित किया जा सकता है।
नेता प्रतिपक्ष ने इसे 'लोकतंत्र-विरोधी' और 'संविधान के अनुच्छेद 326 में दिए गए सार्वभौमिक मताधिकार पर प्रहार' बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासन बिना पर्याप्त सत्यापन के इन शिकायतों पर कार्रवाई कर रहा है, जो वोटर लिस्ट की 'सफाई' नहीं बल्कि 'सफाया' प्रतीत होता है। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एक विशेष समुदाय एवं धर्म के मतदाताओं को लक्षित करके की जा रही है।
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