नयी दिल्ली , नवंबर 04 -- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की संस्था कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने छत्तीसगढ़ से लैटिन अमेरिकी देश कोस्टारिका के लिए 12 पोषक युक्त चावल की पहली निर्यात खेप भेजी है।
एपीडा की यहां मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गयी है।
इस अवसर पर एपीडा अध्यक्ष अभिषेक देव ने इस अवसर पर कहा कि पोषक तत्वों से युक्त चावल (फोर्टिफाइड राइस कर्नेल) का निर्यात न केवल कृषि-निर्यात के मोर्चो पर देश को मज़बूत बनाता है, बल्कि विज्ञान के इस्तेमाल से कुपोषण को दूर करने की हमारी जज्बे को भी दर्शाता है। उन्होंने फोर्टिफाइड और मूल्यवर्धित खाद्य उत्पादों के लिए बाज़ारों के विस्तार में एपीडा के सहयोग का भरोसा दिलाया।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के कार्यक्रम, 'कुपोषण मुक्त भारत' के तहत इस पहल को पोषण अभियान के अंतर्गत क्रियान्वित किया जा रहा है। भारतीय खाद्य निगम पूरे देश में फोर्टिफाइड चावल वितरित कर रहा है। इस खास चावल का निर्यात भारत के घरेलू पोषण मिशन को वैश्विक स्तर पर जोड़ने में अहम कदम है।
इस तरह के चावल में विशेष रूप से 'तैयार किये गये चावल' मिलाये जाते हैं। इनको चावल के आटे में आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों को मिलाकर बनाया जाता है। फिर इन दानों को सामान्य चावल के आकार में ढालकर एक निश्चित अनुपात में नियमित चावल के साथ मिलाया जाता है। इस प्रक्रिया से तैयार फोर्टिफाइड चावल न केवल देखने और पकाने में सामान्य चावल जैसा होता है, बल्कि यह पोषण की दृष्टि से अधिक समृद्ध होता है, जिससे आयरन की कमी, एनीमिया और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में मदद मिलती है।
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