रायपुर , मई 04 -- छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मैनपावर मामले में एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जांच में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम भुगतान के नाम पर करीब 115 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार मैनपावर एजेंसियों द्वारा फर्जी और बढ़े हुए बिल तैयार कर इस राशि की निकासी की गई। यह रकम उन कर्मचारियों तक नहीं पहुंची, जिन्हें अतिरिक्त कार्य के बदले भुगतान मिलना था, बल्कि इसे अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच कमीशन के रूप में बांट लिया गया।
सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 11 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी को पूछताछ के दौरान फर्जी बिलिंग, कमीशनखोरी और राशि के उपयोग से जुड़े और बड़े खुलासों की उम्मीद है।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज कर जांच जारी है।
घोटाले का खुलासा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद हुआ। 29 नवंबर 2023को ईडी ने रायपुर में तीन संदिग्धों के पास से 28.80 लाख रुपए नकद बरामद किए थे। जांच के दौरान सामने आया कि यह रकम कर्मचारियों के ओवरटाइम भुगतान से जुड़ी थी, जिसे भ्रष्टाचार के जरिए हड़प लिया गया।
ईडी की रिपोर्ट के आधार पर एसीबी ने मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की, जिसमें मैनपावर एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका सामने आई।
कर्मचारियों के नाम पर फर्जी ओवरटाइम जांच में पाया गया कि राज्य सरकार द्वारा शराब दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 115 करोड़ रुपए का ओवरटाइम भुगतान स्वीकृत किया गया था। नियमानुसार यह राशि सीधे कर्मचारियों को मिलनी थी, लेकिन एजेंसियों ने कागजों में ओवरटाइम दर्शाकर रकम निकाल ली और कर्मचारियों तक भुगतान नहीं पहुंचाया।
एसीबी-ईओडब्ल्यू के मुताबिक, यह राशि छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच बांटी गई। इसपूरे मामले के तार कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़े होने की भी बात सामने आ रही है।
पहले करीब दो सप्ताह पूर्व एसीबी-ईओडब्ल्यू ने मैनपावर एजेंसी से जुड़े दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था। इनमें ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड के फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल हैं।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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