रायपुर , मार्च 17 -- छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही राजनीतिक गर्माहट के बीच आगे बढ़ी। दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित कई मंत्रियों ने सदस्यों के सवालों के जवाब दिए। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक पेश किए जाने का कार्यक्रम भी तय किया।
कार्यसूची के तहत वित्तमंत्री ओपी चौधरी ने सदन पटल पर विभिन्न पत्र रखे, जबकि विधायकों ने ध्यानाकर्षण और याचिकाओं के माध्यम से स्थानीय मुद्दों को उठाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों की अनुदान मांगों पर भी चर्चा प्रारंभ हुई।
सदन में धमतरी और कांकेर जिलों में अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठा। विधायक अंबिका मरकाम के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि धमतरी में तीन और कांकेर में पांच शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कुल 175 खसरों में से आठ की जांच की गई है और कार्रवाई जारी है।
मंत्री ने बताया कि मामले में तीन पटवारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई है तथा 67 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर चल रहे विकास कार्यों को हटाया भी गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है और हर सत्र में यही मुद्दा उठता है। उन्होंने पूरे प्रदेश में हुई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा और मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी विधायक अजय चंद्राकर ने भी कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि कर्मचारियों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असली दोषियों पर कार्रवाई स्पष्ट नहीं है।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन किया। विपक्ष का आरोप था कि सरकार मामले को गंभीरता से नहीं ले रही और केवल औपचारिक कार्रवाई कर रही है।
हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी करनी पड़ी।
सदन में आदिवासी जमीनों की खरीदी-बिक्री का मुद्दा भी उठा। कुछ विधायकों ने आरोप लगाया कि गैर-आदिवासियों द्वारा जमीन खरीद के मामलों की जांच होनी चाहिए। मंत्री ने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। वहीं मनरेगा को लेकर विपक्ष द्वारा स्थगन प्रस्ताव लाने पर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
राज्यपाल द्वारा लौटाए गए धर्म स्वातंत्र्य (संशोधन) विधेयक पर भी सदन में विचार प्रस्ताव रखा जाना है। इसके अलावा वित्तमंत्री द्वारा विनियोग विधेयक का पुनःस्थापन भी कार्यसूची में शामिल रहा।
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