एमसीबी, जनवरी 05 -- छत्तीसगढ़ में संस्थागत स्वच्छता को नई दिशा देने के उद्देश्य से राज्य की पहल 'जोश (स्वच्छता की यात्रा)' का सोमवार को शुभारंभ किया गया। खड़गवां जनपद ग्राउंड से इस अभिनव योजना की शुरुआत आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन तथा पशुधन विकास विभाग के मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम जायसवाल ने की।
कार्यक्रम के दौरान 'जोश' को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया।'जोश' पहल स्वच्छता, स्वास्थ्य और रोजगार को एक साथ जोड़ने वाली अनूठी पहल है। इसके अंतर्गत स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, छात्रावास, आंगनबाड़ी और अन्य संस्थागत एवं सामुदायिक शौचालयों की नियमित एवं वैज्ञानिक सफाई की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए स्थानीय युवाओं को 'स्वच्छता प्रहरी' के रूप में चयनित किया जाएगा, जिससे न केवल स्वच्छता स्तर में सुधार होगा बल्कि युवाओं को रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा।
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से नहीं जुड़ी है, बल्कि यह सामाजिक विकास और रोजगार का भी सशक्त माध्यम है। 'जोश' पहल के माध्यम से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम जायसवाल ने भी इस पहल को जनस्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।
कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में इस योजना की कार्ययोजना तैयार की गई है। प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद पंचायत में एक स्वच्छता प्रहरी के माध्यम से योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। सफल परिणाम मिलने पर इसे पूरे जिले में विस्तार देने की योजना है।
स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर आधुनिक उपकरणों से शौचालयों की पाक्षिक एवं मासिक सफाई करेंगे। इसके लिए उन्हें सुरक्षा किट भी प्रदान की गई है। सफाई के पश्चात प्रति यूनिट Rs.200 स्वच्छता शुल्क का प्रावधान किया गया है।
'जोश' पहल छत्तीसगढ़ में संस्थागत स्वच्छता की तस्वीर बदलने के साथ-साथ युवाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका का मजबूत आधार बनेगी।
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